सिर्फ मुफलिस हूँ , इसलिए ही गुनहगार हूँ मै ,
न कोई चोर-उच्चक्का , न ही ले-मार हूँ मै |
मै तो एक भोला-भला , सीधा -साधा इंसान हूँ ,
न किसी का खुदा हूँ , न कोई अवतार हूँ मै |
ज़िन्दगी भर लड़ा हूँ मै सिर्फ सच की खातिर,
झूठे का मै नही साथी , न मददगार हूँ मै |
मैंने नेकी पे हमेशा ही चलना सिखा है ,
मै हमदर्द हूँ साचे का , उसका यार हूँ मै |
मैंने कुदरत के दिए पे हमेशा सब्र किया ,
जो भी उसने दिया ,खुश हूँ शुक्रगुज़ार हूँ मै |
मुझको इन झूठी वफाओं से सख्त नफरत है ,
मै सिपाही हूँ सच का ,सच का पहरेदार हूँ मै |
सच की खातिर तो मेरी जान भी चली जाए ,
इससे डरता नही इसके लिए तैयार हूँ मै |
जिसने मेरे लिए सच्ची वफा निभाई है ,
ऐसे दोस्त का तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ मै |
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