शनिवार, 18 दिसंबर 2010

खुश-आमदीद-2011

खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद,
आ की अपने मिलन की घड़ी बहूत है करीब |
आ की तेरी राहों में पलके बिछाये बैठे है हम ,
आ की तेरे कदमो पर नजरे टिकाये बैठे है हम |
तेरे आने पर टिकी है अपनी हर उम्मीद ,खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
तेरी आमद पर ये जर्रा-जर्रा मुस्कराएगा ,
हर जवान,बच्चा और बूढ़ा गीत तेरे गायेगा |
हर कोई समझेगा वो  है कितना खुश-नसीब , खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
तेरे आने पर सभी झूमेंगे , नाचेंगे गायेंगे ,
तेरे आने पर सभी त्यौहार हम मनाएंगे |
चाहे दशहरा या दिवाली हो या होली हो या ईद ,  खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
अब नरेंद्र नाज़ को आमद तेरी दरकार है ,
हर किसी को तेरा बेसब्री से इंतज़ार है ,
बड़ा हो या छोटा हो या हो आमिर चाहे  गरीब ,खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें