तेरी इन नर्गीसी आँखों का, मै दस्तूर देखूंगा ,
कितना मरती है मेरे पे अ मेरी हूर देखूंगा |
जब भू तू खड़ी होगी सखियों के झुरमुट में ,
तुम्हारी नजरों का जलवा, खड़ा मै दूर देखूंगा |
ये मै जानता हूँ कि अनगिनत हीरे खड़े होंगे ,
मगर मै तो उनमे चमकता कोहेनूर देखूंगा |
मुझको देखने वाले , मुझे दीवाना समझेंगे ,
तुमको देखूंगा मै,मगर बा-दस्तूर देखूंगा |
अगर फिर भी न मिली मेरी नजरों से नज़र तेरी,
तो फिर कैसे होता है ये दिल मेरा चकनाचूर देखूंगा|
बुधवार, 22 दिसंबर 2010
सोमवार, 20 दिसंबर 2010
अधूरी आस
सब कुछ लुट गया ,सब कुछ खो गया, कुछ भी रहा न पास,
दिल में कसक सी बनकर रह गयी एक अधूरी आस |
ऊपर वाले ने तो दी थी खूबियाँ मुझे अनेक ,
एक भी काम ना आई है, ये किस्मत कि बात |
मेरी गजलें, नज्मे पढकर, करते सब तारीफ ,
लेकिन मेरे पास क्या बचा, सिर्फ एक अहसास |
चुन-चुन कर लिखता हूँ लफ्ज़ मै, ज्यों माला में मोती ,
ये जुमला यारों का मुझको देता है उल्हास | शुक्रगुजार हूँ यारों का मै जो हिम्मत देते हैं ,
करके हौसला-आफजाई, भरते मुझमे विश्वास |
उनके सहारे चला जा रहा हूँ मै कदम बड़ाते ,
कभी ना कभी तो आएगी ही मंजिल मेरे पास |
कभी समय आएगा मेरा, कभी तो दिन बदलेंगे ,
कभी तो पूरी होगी मेरी एक अधूरी आस |
दिल में कसक सी बनकर रह गयी एक अधूरी आस |
ऊपर वाले ने तो दी थी खूबियाँ मुझे अनेक ,
एक भी काम ना आई है, ये किस्मत कि बात |
मेरी गजलें, नज्मे पढकर, करते सब तारीफ ,
लेकिन मेरे पास क्या बचा, सिर्फ एक अहसास |
चुन-चुन कर लिखता हूँ लफ्ज़ मै, ज्यों माला में मोती ,
ये जुमला यारों का मुझको देता है उल्हास | शुक्रगुजार हूँ यारों का मै जो हिम्मत देते हैं ,
करके हौसला-आफजाई, भरते मुझमे विश्वास |
उनके सहारे चला जा रहा हूँ मै कदम बड़ाते ,
कभी ना कभी तो आएगी ही मंजिल मेरे पास |
कभी समय आएगा मेरा, कभी तो दिन बदलेंगे ,
कभी तो पूरी होगी मेरी एक अधूरी आस |
in respect of the audiance
कितना दिलकश कितना रंगीन है आज मौसम ,
कैसे सज-धज के आज कितने लोग आये है |
सबके कपड़ो में चमकदार झील-मिलाह्ट है,
लग रहा है कि जैसे जुगनुओं के साये है |
या इन्हें देखकर कुछ इस तरह लगता है ,
कि ज्यों आसमान से सितारे उतर आये हैं |
सुन रहे है वो बड़ी गौर से गजले मेरी ,
जैसे फ़िक्र अपने घर पे छोड़ आये है |
अपनी ठुड्डी को अंगूठे का सहारा देकर ,
मेरे रुखसार पे वो टकटकी लगाए हैं |
कुछ बड़े गौर से देखें मेरा अंदाज़े-बयाँ ,
कुछ मेरे साथ मेरे सुर में सुर मिलाये हैं |
ऐसे लोगों का तहदिल से शुक्रगुज़ार है नाज़ ,
जिन्होंने साथ बैठकर ये पल बिताएं हैं |
कैसे सज-धज के आज कितने लोग आये है |
सबके कपड़ो में चमकदार झील-मिलाह्ट है,
लग रहा है कि जैसे जुगनुओं के साये है |
या इन्हें देखकर कुछ इस तरह लगता है ,
कि ज्यों आसमान से सितारे उतर आये हैं |
सुन रहे है वो बड़ी गौर से गजले मेरी ,
जैसे फ़िक्र अपने घर पे छोड़ आये है |
अपनी ठुड्डी को अंगूठे का सहारा देकर ,
मेरे रुखसार पे वो टकटकी लगाए हैं |
कुछ बड़े गौर से देखें मेरा अंदाज़े-बयाँ ,
कुछ मेरे साथ मेरे सुर में सुर मिलाये हैं |
ऐसे लोगों का तहदिल से शुक्रगुज़ार है नाज़ ,
जिन्होंने साथ बैठकर ये पल बिताएं हैं |
वक्त
वैसे तो हर इंसान की , अपनी ही डगर है,
ये वक्त जानता है कि वो जाता किधर है |
दिल में हजारो ख्वाहिशें, और लाखो उम्मीदें ,
ये कौन जानता है कि नतीजा सिफर है |
अपना फर्ज़ निभाना है हर इक फूल को ,
वो क्या जाने कि पैर है किसी के या सर है |
दिल के जलों के लिए बस दो ही हैं ठिकाने ,
या तो वो दर खुदा का है या यार का घर है |
मैंने तुम्हे समझाया है अक्सर ये कई बार ,
दिल की लगी का होता बहूत बुरा हश्र है |
किसने कहा था तुमको कि आकर मिला करो ,
ये इश्क का असर नही तो किसका असर है |
ये वक्त जानता है कि वो जाता किधर है |
दिल में हजारो ख्वाहिशें, और लाखो उम्मीदें ,
ये कौन जानता है कि नतीजा सिफर है |
अपना फर्ज़ निभाना है हर इक फूल को ,
वो क्या जाने कि पैर है किसी के या सर है |
दिल के जलों के लिए बस दो ही हैं ठिकाने ,
या तो वो दर खुदा का है या यार का घर है |
मैंने तुम्हे समझाया है अक्सर ये कई बार ,
दिल की लगी का होता बहूत बुरा हश्र है |
किसने कहा था तुमको कि आकर मिला करो ,
ये इश्क का असर नही तो किसका असर है |
आजमाइस
हमको जरा आजमाकर तो देखो ,
हमसे कभी दिल लगाकर तो देखो |
वैसे तो देखी है तुमने ये दुनियां ,
दुनियां से हमको हटकर तो देखो |
माना की सब कुछ है ,लाजो-शर्म पर ,
लाज-ओ-शर्म को , भुलाकर तो देखो |
शर्माने से तो यूँ कुछ न बनेगा ,
थोडा सा साहस , जुटा कर तो देखो |
जरा सा तक्क्लुफ़ ही करना पड़ेगा ,
कि चेहरे से घुंघट हटा कर तो देखो |
हमसे कभी दिल लगाकर तो देखो |
वैसे तो देखी है तुमने ये दुनियां ,
दुनियां से हमको हटकर तो देखो |
माना की सब कुछ है ,लाजो-शर्म पर ,
लाज-ओ-शर्म को , भुलाकर तो देखो |
शर्माने से तो यूँ कुछ न बनेगा ,
थोडा सा साहस , जुटा कर तो देखो |
जरा सा तक्क्लुफ़ ही करना पड़ेगा ,
कि चेहरे से घुंघट हटा कर तो देखो |
शनिवार, 18 दिसंबर 2010
अलविदा-2010
अलविदा ए जाने वाले साल तुमको अलविदा ,
शुक्रिया ए जाने वाले साल तेरा शुक्रिया |
तुमने जो अब तक निभाया हम सभी का साथ है,
वो हमारे वास्ते एक कीमती सौगात है |
रख लिया चुप-चाप हमने, हमको जो तुमने दिया | शुक्रिया ए जाने वाले साल तेरा शुक्रिया|
ढेर सारे गम दिए या बे-तहासा दी खुशी,
वो हमारे वास्ते थी खुश-नुमाँ इक ज़िन्दगी |
हमने उस तोहफे को सर-आँखों पे अपने रख लिया ,शुक्रिया ए जाने वाले साल तेरा शुक्रिया |
शुक्रिया तेरा की हमने तुमसे प्यार जो ,
फिर दोबारा न मिलेगा किसी हालत यार वो,
वो हमे जन्न्नत के दरवाज़े तलक पहुंचाएगा ,शुक्रिया ए जाने वाले साल तेरा शुक्रिया |
जो दिया है हमको तुमने वो बहूत अच्छा दिया ,
जो किया तुमने हमारे लिए वो अच्छा किया ,
करते है मिलकर सभी हम लाख तेरा शुक्रिया , शुक्रिया ए जाने वाले साल तेरा शुक्रिया |
शुक्रिया ए जाने वाले साल तेरा शुक्रिया |
तुमने जो अब तक निभाया हम सभी का साथ है,
वो हमारे वास्ते एक कीमती सौगात है |
रख लिया चुप-चाप हमने, हमको जो तुमने दिया | शुक्रिया ए जाने वाले साल तेरा शुक्रिया|
ढेर सारे गम दिए या बे-तहासा दी खुशी,
वो हमारे वास्ते थी खुश-नुमाँ इक ज़िन्दगी |
हमने उस तोहफे को सर-आँखों पे अपने रख लिया ,शुक्रिया ए जाने वाले साल तेरा शुक्रिया |
शुक्रिया तेरा की हमने तुमसे प्यार जो ,
फिर दोबारा न मिलेगा किसी हालत यार वो,
वो हमे जन्न्नत के दरवाज़े तलक पहुंचाएगा ,शुक्रिया ए जाने वाले साल तेरा शुक्रिया |
जो दिया है हमको तुमने वो बहूत अच्छा दिया ,
जो किया तुमने हमारे लिए वो अच्छा किया ,
करते है मिलकर सभी हम लाख तेरा शुक्रिया , शुक्रिया ए जाने वाले साल तेरा शुक्रिया |
खुश-आमदीद-2011
खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद,
आ की अपने मिलन की घड़ी बहूत है करीब |
आ की तेरी राहों में पलके बिछाये बैठे है हम ,
आ की तेरे कदमो पर नजरे टिकाये बैठे है हम |
तेरे आने पर टिकी है अपनी हर उम्मीद ,खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
तेरी आमद पर ये जर्रा-जर्रा मुस्कराएगा ,
हर जवान,बच्चा और बूढ़ा गीत तेरे गायेगा |
हर कोई समझेगा वो है कितना खुश-नसीब , खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
तेरे आने पर सभी झूमेंगे , नाचेंगे गायेंगे ,
तेरे आने पर सभी त्यौहार हम मनाएंगे |
चाहे दशहरा या दिवाली हो या होली हो या ईद , खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
अब नरेंद्र नाज़ को आमद तेरी दरकार है ,
हर किसी को तेरा बेसब्री से इंतज़ार है ,
बड़ा हो या छोटा हो या हो आमिर चाहे गरीब ,खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
आ की अपने मिलन की घड़ी बहूत है करीब |
आ की तेरी राहों में पलके बिछाये बैठे है हम ,
आ की तेरे कदमो पर नजरे टिकाये बैठे है हम |
तेरे आने पर टिकी है अपनी हर उम्मीद ,खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
तेरी आमद पर ये जर्रा-जर्रा मुस्कराएगा ,
हर जवान,बच्चा और बूढ़ा गीत तेरे गायेगा |
हर कोई समझेगा वो है कितना खुश-नसीब , खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
तेरे आने पर सभी झूमेंगे , नाचेंगे गायेंगे ,
तेरे आने पर सभी त्यौहार हम मनाएंगे |
चाहे दशहरा या दिवाली हो या होली हो या ईद , खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
अब नरेंद्र नाज़ को आमद तेरी दरकार है ,
हर किसी को तेरा बेसब्री से इंतज़ार है ,
बड़ा हो या छोटा हो या हो आमिर चाहे गरीब ,खुश-आमदीद ऐ नये साल खुश-आमदीद |
हिम्मत
सिलसला यादों का , आया है जो टल जाएगा ,
वक्त के साथ दूर, कहीं दूर निकल जाएगा |
आज डूबा है जो सूरज , तू इसकी फ़िक्र न कर ,
फिर से कल दूसरा सूरज भी निकल आएगा |
क्या हुआ जो एक साथी ने साथ छोड़ दिया ,
उससे बेहतर भी कोई दूसरा मिल जाएगा |
दिल में उम्मीद रख अम्बर के तारे छूने की ,
वरना दुनियां की भीड़ में न सम्भल पायेगा |
ये जो दुनियां है बस उम्मीद पर ही जिंदा है ,
वरना इंसान तो घुट-घुट कर ही मर जाएगा |
वक्त के साथ दूर, कहीं दूर निकल जाएगा |
आज डूबा है जो सूरज , तू इसकी फ़िक्र न कर ,
फिर से कल दूसरा सूरज भी निकल आएगा |
क्या हुआ जो एक साथी ने साथ छोड़ दिया ,
उससे बेहतर भी कोई दूसरा मिल जाएगा |
दिल में उम्मीद रख अम्बर के तारे छूने की ,
वरना दुनियां की भीड़ में न सम्भल पायेगा |
ये जो दुनियां है बस उम्मीद पर ही जिंदा है ,
वरना इंसान तो घुट-घुट कर ही मर जाएगा |
मै
सिर्फ मुफलिस हूँ , इसलिए ही गुनहगार हूँ मै ,
न कोई चोर-उच्चक्का , न ही ले-मार हूँ मै |
मै तो एक भोला-भला , सीधा -साधा इंसान हूँ ,
न किसी का खुदा हूँ , न कोई अवतार हूँ मै |
ज़िन्दगी भर लड़ा हूँ मै सिर्फ सच की खातिर,
झूठे का मै नही साथी , न मददगार हूँ मै |
मैंने नेकी पे हमेशा ही चलना सिखा है ,
मै हमदर्द हूँ साचे का , उसका यार हूँ मै |
मैंने कुदरत के दिए पे हमेशा सब्र किया ,
जो भी उसने दिया ,खुश हूँ शुक्रगुज़ार हूँ मै |
मुझको इन झूठी वफाओं से सख्त नफरत है ,
मै सिपाही हूँ सच का ,सच का पहरेदार हूँ मै |
सच की खातिर तो मेरी जान भी चली जाए ,
इससे डरता नही इसके लिए तैयार हूँ मै |
जिसने मेरे लिए सच्ची वफा निभाई है ,
ऐसे दोस्त का तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ मै |
न कोई चोर-उच्चक्का , न ही ले-मार हूँ मै |
मै तो एक भोला-भला , सीधा -साधा इंसान हूँ ,
न किसी का खुदा हूँ , न कोई अवतार हूँ मै |
ज़िन्दगी भर लड़ा हूँ मै सिर्फ सच की खातिर,
झूठे का मै नही साथी , न मददगार हूँ मै |
मैंने नेकी पे हमेशा ही चलना सिखा है ,
मै हमदर्द हूँ साचे का , उसका यार हूँ मै |
मैंने कुदरत के दिए पे हमेशा सब्र किया ,
जो भी उसने दिया ,खुश हूँ शुक्रगुज़ार हूँ मै |
मुझको इन झूठी वफाओं से सख्त नफरत है ,
मै सिपाही हूँ सच का ,सच का पहरेदार हूँ मै |
सच की खातिर तो मेरी जान भी चली जाए ,
इससे डरता नही इसके लिए तैयार हूँ मै |
जिसने मेरे लिए सच्ची वफा निभाई है ,
ऐसे दोस्त का तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ मै |
इम्तिहाँ
उफ़ ये ज़िन्दगी का इम्तिहाँ और इम्तिहाँ के पर्चे ,
ज़िन्दगी कट गयी बस ख्यालो से गुज़रते |
कदम-कदम पे अटकले और अटकलों के सिवा ,
कभी घर की परेशानी और कभी मसले बहार के |
कभी रोटी की चिंता, कभी नौकरी का सवाल ,
अधमरा हो गया हूँ मै इन्ही सवालों से लड़ते |
सोच ने उम्र से पहले ही झपट ली जवानी ,
बुडापा आ गया नजदीक , सोचो से उलझते |
लेकिन उम्मीद बाकि है अभी हारा नहीं हूँ मै ,
ठोकरों ने सिखा दिया है बस रहना है लड़ते |
यहं खुद्दार लोगो के ही बस बनते है किस्से ,
जो किसी भी मुसीबत से कभी नही डरते |
तुम्हे तो जीतना है नाज़ ये मुझको यकीन है ,
तेरी फितरत रही है चलना तुफानो से लड़ते
ज़िन्दगी कट गयी बस ख्यालो से गुज़रते |
कदम-कदम पे अटकले और अटकलों के सिवा ,
कभी घर की परेशानी और कभी मसले बहार के |
कभी रोटी की चिंता, कभी नौकरी का सवाल ,
अधमरा हो गया हूँ मै इन्ही सवालों से लड़ते |
सोच ने उम्र से पहले ही झपट ली जवानी ,
बुडापा आ गया नजदीक , सोचो से उलझते |
लेकिन उम्मीद बाकि है अभी हारा नहीं हूँ मै ,
ठोकरों ने सिखा दिया है बस रहना है लड़ते |
यहं खुद्दार लोगो के ही बस बनते है किस्से ,
जो किसी भी मुसीबत से कभी नही डरते |
तुम्हे तो जीतना है नाज़ ये मुझको यकीन है ,
तेरी फितरत रही है चलना तुफानो से लड़ते
इमदाद
एक साथी की जरूरत है जो इमदाद करे ,
जो मुझे प्यार करे जो मुझे आबाद करे |
मै अकेला हूँ , खड़ा हूँ उदास राहों में ,
अकेलेपन की जंजीरों से जो आज़ाद करे |
जो मुझे प्यार करे जो मुझे आबाद करे |
मै अकेला हूँ , खड़ा हूँ उदास राहों में ,
अकेलेपन की जंजीरों से जो आज़ाद करे |
एक मुद्दत से है उजाड़ बियाबान ये दिल ,
कोई आये जो मेरे दिल को बाग़-बाग़ करे |
इस कद्र हो जाए फ़िदा जो मेरी फितरत पे ,
मेरे टूटे दिल को जो फिर से शाद करे |
बना दे आ के कहानी जो मेरी उल्फत की ,
नाज़ को आने वाला हर बशर याद करे |
देव आनंद
मुम्बई की सर जमीं, सदाबहार देव आनंद |
एक महकता हुआ , गुले-गुलज़ार देव आनंद |
एक्टर है, डायरेक्टर है produosr है बा-कमाल |
हर फन में माहिर है हु-बू-हु , फनकार देव आनंद |
रखा अलग है जिसने , अंदाज़ हमेशा ही,
अपनी ही धुन में मस्त कलाकार देव आनंद |
बीती हुई वो बाते , गुज़रे हुए जमाने ,
अब भी है तरो-ताज़ा , इस शख्स के फसाने |
सुनते है निकलता था जब भी कहीं को जाने ,
थी लडकियाँ बुलाती , फल वालो के बहाने |
मरती थी जिस पर वो कहकशां की हुरें,
बेताब सी रहती थी , इसकी झलक को पाने |
लम्बा, जवान, खुसमिज़ाज़ सा ,
चलने का भी जिसका अपना अंदाज़ था |
कुछ करने की धुन मन में हमेशा लिए हुए ,
करते भी रहना काम , लगाना भी कह-कहे |
फिल्मे भी जो बनाई , सभी बे-मिसाल है ,
नुस्खे भी बनाने के , इसके बा-कमल है |
कितनी ही हिरोइनों को , इस शख्स ने उभारा ,
जो भटकती फिरती थी , इसने दिया सहारा |
कितने ही नये नाम , फिल्म नगरी में चमकाए,
हर दौर में इस शख्स ने अपने जौहर दिखाए |
भगवान् करे तंदरुस्त हो और चमके इनका नाम ,
पहुंचे नरेंद्र नाज़ का , इस हस्ती को सलाम |
एक महकता हुआ , गुले-गुलज़ार देव आनंद |
एक्टर है, डायरेक्टर है produosr है बा-कमाल |
हर फन में माहिर है हु-बू-हु , फनकार देव आनंद |
रखा अलग है जिसने , अंदाज़ हमेशा ही,
अपनी ही धुन में मस्त कलाकार देव आनंद |
बीती हुई वो बाते , गुज़रे हुए जमाने ,
अब भी है तरो-ताज़ा , इस शख्स के फसाने |
सुनते है निकलता था जब भी कहीं को जाने ,
थी लडकियाँ बुलाती , फल वालो के बहाने |
मरती थी जिस पर वो कहकशां की हुरें,
बेताब सी रहती थी , इसकी झलक को पाने |
लम्बा, जवान, खुसमिज़ाज़ सा ,
चलने का भी जिसका अपना अंदाज़ था |
कुछ करने की धुन मन में हमेशा लिए हुए ,
करते भी रहना काम , लगाना भी कह-कहे |
फिल्मे भी जो बनाई , सभी बे-मिसाल है ,
नुस्खे भी बनाने के , इसके बा-कमल है |
कितनी ही हिरोइनों को , इस शख्स ने उभारा ,
जो भटकती फिरती थी , इसने दिया सहारा |
कितने ही नये नाम , फिल्म नगरी में चमकाए,
हर दौर में इस शख्स ने अपने जौहर दिखाए |
भगवान् करे तंदरुस्त हो और चमके इनका नाम ,
पहुंचे नरेंद्र नाज़ का , इस हस्ती को सलाम |
शुक्रवार, 17 दिसंबर 2010
नये साल की मुबारकबाद
नये साल की मुबारकबाद
हैपी न्यू इयर टू यु , शुभ नया साल सब नूँ |
नए साल में नई बातें होंगी ,नए लोगो से मुलाकाते होंगी ,
सब पूछेंगे हाउ ड़ू यु ड़ू................शुभ नया साल सब नूँ |
नए साल में सब नाचेंगे मिल के , नए साल में सब गाएँगे मिल के |
सब गायेंगे ता रा रा रु................शुभ नया साल सब नूँ |
बुजुर्गो पर फिर से आ जाएगी जवानी , सब को सुनेंगे गुजरी कहानी |
कैसे हुआ करते थे लट्टू ,.............शुभ नया साल सब नूँ |
देखने वाले ही होंगे जोश जवान दिल के , झूमेंगे जब इक दूजे को मिल के |
सभी बोलेंगे आई लव यू ,............शुभ नया साल सब नूँ |
नए साल में सब घूमेंगे-फिरेंगे,नए साल में सब शोपिंग करेंगे |
घर में लेके आएँगे लड्डू .............शुभ नया साल सब नूँ |
मेम साब पहनेंगी नै-नै साड़ियाँ , साहब भी लेन्गे नई-नई गाड़ियाँ |
चाहे हो बिलकुल भोंपू ............शुभ नया साल सब नूँ |
भूल जाओ वो बासी पिछली यादे ,नए साल की लो मुबारकबादें |
रब सुखी रखे सब नु...............शुभ नया साल सब नूँ |
आओं नया साल सब मिलके मनाये .
सबको नरेंद्र की शुब्कामनाए |
सब कबूल करो इस नूँ .............शुभ नया साल सब नूँ | हैपी न्यू इयर टू यु , शुभ नया साल सब नूँ |
हैपी न्यू इयर टू यु , शुभ नया साल सब नूँ |
नए साल में नई बातें होंगी ,नए लोगो से मुलाकाते होंगी ,
सब पूछेंगे हाउ ड़ू यु ड़ू................शुभ नया साल सब नूँ |
नए साल में सब नाचेंगे मिल के , नए साल में सब गाएँगे मिल के |
सब गायेंगे ता रा रा रु................शुभ नया साल सब नूँ |
बुजुर्गो पर फिर से आ जाएगी जवानी , सब को सुनेंगे गुजरी कहानी |
कैसे हुआ करते थे लट्टू ,.............शुभ नया साल सब नूँ |
देखने वाले ही होंगे जोश जवान दिल के , झूमेंगे जब इक दूजे को मिल के |
सभी बोलेंगे आई लव यू ,............शुभ नया साल सब नूँ |
नए साल में सब घूमेंगे-फिरेंगे,नए साल में सब शोपिंग करेंगे |
घर में लेके आएँगे लड्डू .............शुभ नया साल सब नूँ |
मेम साब पहनेंगी नै-नै साड़ियाँ , साहब भी लेन्गे नई-नई गाड़ियाँ |
चाहे हो बिलकुल भोंपू ............शुभ नया साल सब नूँ |
भूल जाओ वो बासी पिछली यादे ,नए साल की लो मुबारकबादें |
रब सुखी रखे सब नु...............शुभ नया साल सब नूँ |
आओं नया साल सब मिलके मनाये .
सबको नरेंद्र की शुब्कामनाए |
सब कबूल करो इस नूँ .............शुभ नया साल सब नूँ | हैपी न्यू इयर टू यु , शुभ नया साल सब नूँ |
एक तम्मना
श्री नरेंद्र नाज़ कि दिल को छु लेने वाली एक नजर उनकी अपनी एक अधूरी आस
इतना मज़ा दुनियां के किसी इल्म में नहीं
जितना मज़ा ऐ नाज़ इल्म-ए-शायरी में है
यूँ तो हर शख्स खोजता है ज़िन्दगी में सुकून ,
ये मुक्कदर कि बात है उसे मिले न मिले |
हर कली कि तम्मना है कि खिल के फूल बने ,
पर ये मौसम पे मैय्स्सर है कि खिले न खिले |
लहलहाते है पेड़ हवा के झोंके से,
एक पत्ता भी नही हिलता अगर हवा न चले |
आज-कल मै भी ऐसे दौर से गुजरता हूँ ,
एक नई तम्मना हर रोज मेरे दिल में पले |
दिन गुजर जाता है मेरा यूँ हँसते-हँसते ,
घेर लेती है तन्हाई मुझे जब शाम ढले|
इतना मज़ा दुनियां के किसी इल्म में नहीं
जितना मज़ा ऐ नाज़ इल्म-ए-शायरी में है
यूँ तो हर शख्स खोजता है ज़िन्दगी में सुकून ,
ये मुक्कदर कि बात है उसे मिले न मिले |
हर कली कि तम्मना है कि खिल के फूल बने ,
पर ये मौसम पे मैय्स्सर है कि खिले न खिले |
लहलहाते है पेड़ हवा के झोंके से,
एक पत्ता भी नही हिलता अगर हवा न चले |
आज-कल मै भी ऐसे दौर से गुजरता हूँ ,
एक नई तम्मना हर रोज मेरे दिल में पले |
दिन गुजर जाता है मेरा यूँ हँसते-हँसते ,
घेर लेती है तन्हाई मुझे जब शाम ढले|
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